आहिस्ता-आहिस्ता….

यह सिलसिले ये रासते
यह बारीश मे भीगती चाहते
वह खामोशी वह बाते
वह पलको पर लिखी आयते

कैद तस्वीर-ए-आइने मे गुम से होते अक्स
अधखुली आँखे नींद को समेटकर याद करते वो शख्स
ठहरे झील मे बढ़ते दायरो मे बूंदे
उन बूंदो की लकीरो मे दम तोड़ते मेरी रूह की आहे
कुछ मिट्टी मे तो कुछ खुशबू मे
तो कुछ हवाओ मे तंज करती राहे
तो कही फिकरे कसते तन्हा आकाश की निगाहे

मेहताब की ख्वाहिश मे निशा का सबब ढूढते हम कही
बस एक सन्नाटे की खोज मे है इस शोर मे हम यही
गुमनाम आरज़ू का सदमा अंजाम पर चल पढता है फिर वही
पर हर अल्फाज़ रूख पे नकाब लिए समझाते है
अब वह कुछ नही…

मेरी आवारगी के नशे मे ज़खम बनते नासूर
शायद कसूर नही है मेरा किस्मत का
यह तो बस दिल के है बदलते तासूर

शमा कि साँसो मे सूखते होठ अहिस्ता-अहिस्ता
बिखरे रेत पैरो से जूड़ते अहिस्ता-अहिस्ता
सेहरा मे गुम होते आशियाँन आहिस्ता-आहिस्ता
देर से सही हमे अश्को से इश्क होता आहिस्ता-आहिस्ता….

Advertisements

4 thoughts on “आहिस्ता-आहिस्ता….

  1. Thanx for appreciating bhai..
    bahut kam logo ko pasand bhi aati hai..surely will write more…thoda slow hoo likhne mein..but wont stop.. 🙂
    thanx alot..!!!

    • #10 Yankev,“There will be no peace until Israel agrees to withdraw from all occupied Palestinian territory,”Is Carter so senile that he does not understand that the Arabs ultimately consider Tel Aviv and every other inch of Israel “occupied Palestinian territory.” Or is this part of his double speak agenda?I will not support anyone, or any group who fawns over this fool and fails to criticize his anti Israel/Jewish position. I voted for this man twice, and regret my youthfull nievety to this day.

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s